हिन्दू कविताएँ: हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय | Atal Ji Poem

    भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) मैं शंकर का वह क्रोधानल कर सकता जगती क्षार-क्षार। डमरू की वह प्रलय-ध्वनि हूं जिसमें नचता भीषण संहार। रणचण्डी की अतृप्त प्यास, मैं दुर्गा का उन्मत्त हास। मैं यम की प्रलयंकर पुकार, जलते मरघट का धुआंधारय। फिर अन्तरतम की ज्वाला से, जगती…

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