चमोली आपदा: लापता लोगों के जारी होंगे मृत्यु प्रमाण पत्र, 30 दिन में होगा दावों और आपत्तियों का समाधान 

चमोली आपदा में लापता लोगों की खोज   उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन में सात फरवरी को आई भीषण आपदा में लापता लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए केंद्र से मिले दिशानिर्देशों पर सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। लापता लोगों की तीन श्रेणियां बनाकर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की…

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चमोली आपदा Live : तपोवन सुरंग में दो और रैणी में मिला एक शव, कुल मृतक हुए 61, अभी भी 143 लापता

चमोली आपदाः सुरंग के अंदर मलबा हटाने का कार्य जारी सुरंग से दो और रैणी क्षेत्र से एक शव बरामद – आज सुरंग से दो और रैणी क्षेत्र से एक शव बरामद किया गया है। सुरंग से कुल 13 शव निकाले जा चुके हैं। अब तक 61 शव और 27 मानव अंग बरामद हो चुके…

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चमोली आपदा : नौ दिन में मिले 56 शव, 148 लोगों की तलाश अभी भी जारी

  चमोली आपदाः सुरंग के अंदर मलबा हटाने का कार्य जारी  उत्तराखंड के चमोली में जल प्रलय के नौवें दिन पांच शव मिले हैं। तपोवन जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग से तीन शव और निकाले गए। इसके अलावा एक शव 90 किमी दूर मैठाणा में मिला जबकि एक श्रीनगर की झील में मिला। अभी…

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चमोली आपदा Live : तपोवन सुरंग से तीन और मैठाणा से बरामद हुआ एक शव, कुल मृतकों की संख्या हुई 55

चमोली आपदाः सुरंग के अंदर मलबा हटाने का कार्य जारी  लाइव अपडेटः – एनटीपीसी ने प्रोजेक्ट निदेशक उज्जवल भट्टाचार्यने कहा कि तपोवन सुरंग में 135 मीटर तक मलबा हटाया जा चुका है। शवाें को सावधानी पूर्वक निकाला जा रहा है।   – उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने चमोली जिले के आपदा प्रभावित रैणी गांव…

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चमोली आपदा: हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों के लिए कम तीव्रता वाले भूकंप भी खतरा

भूकंप प्रतीकात्मक तस्वीर  हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों के लिए छोटे भूकंप खतरा बने हैं। ढाई से तीन रिक्टर स्केल तक भूकंप आना आम बात है। इतनी कम तीव्रता के भूकंप महसूस नहीं होते हैं, लेकिन ये ग्लेशियरों में कंपन पैदा कर उनको कमजोर बनाते हैं, जिससे ग्लेशियर धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। ऐसे में बड़ा…

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चमोली जल प्रलय: 2014 में ही विशेषज्ञों ने जता दी थी भूस्खलन की आशंका, भूकंप की वजह से भी है खतरा

आपदा के बाद क्षेत्र में पहुंचे लोग  उत्तराखंड में आई आपदा से सात साल पहले ही विशेषज्ञों ने यहां भूस्खलन की आशंका जता दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी पर्यावरणीय अध्ययन समिति ने अपनी रिपोर्ट में ऋषिगंगा सहित सात नदियों को भू-स्खलन का हॉटस्पॉट करार दिया था। इसी आधार पर केंद्रीय वन एवं…

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