देहरादून के डीएम ने बाना चिल्हड़ गांव का उत्तराखंड सरकार के कार्यक्रम के तहत किया दौरा

देहरादून के डीएम ने बाना चिल्हड़ गांव का उत्तराखंड सरकार के कार्यक्रम के तहत किया दौरा
देहरादून के जिलाधिकारी का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया. (फोटो/एएनआई)

देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड सरकार के ‘जनता के दरवाजे पर सरकार’ कार्यक्रम के तहत, देहरादून के जिलाधिकारी आर राजेश कुमार ने रविवार को तहसील त्युनी के एक दूरस्थ गांव बाना चिल्हड़ का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। .

जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों के मुद्दों/शिकायतों को सुना और उनमें से कई को मौके पर ही हल किया। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से कुल 120 शिकायतें मिली हैं।

ग्रामीणों ने कुमार को माला पहनाकर और ढोल बजाकर स्वागत किया।

कार्यक्रम स्थल से करीब 10 किलोमीटर आगे ग्रामीणों को पैदल जाते देख डीएम ने उनका वाहन रोक दिया और उनकी समस्याएं सुनीं.

एक शिकायत पत्र में कहा गया है कि सिलिकेट-कुनेन रोड बंद होने के कारण एक स्कूल में मलबा घुस रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों को दो दिन के भीतर सड़क खोलने के बाद रिपोर्ट देने का निर्देश दिया.

जल जीवन मिशन के तहत जल स्त्रोतों के काम नहीं करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिये और उप जिलाधिकारी को निगरानी करने के निर्देश दिये तथा कार्रवाई की चेतावनी भी दी. एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट नहीं देने पर संबंधित अधिकारी।

तहसील त्यौनी वासियों द्वारा तहसीलदार के स्थान पर तहसीलदार डार नियुक्त करने की मांग पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि शासन को पत्र भेजा जायेगा.

ग्रामीणों की क्षेत्र में सिल्दा-चिल्दा-बनाधार मोटर मार्ग पर रोडवेज बस सेवा शुरू करने की ग्रामीणों की मांग पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी त्युनी को परिवहन विभाग के समन्वय से बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिये.

इस दौरान प्राप्त अधिकांश शिकायतें सड़क, पानी, सिंचाई, पुस्तकों को नुकसान और स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टरों से संबंधित थीं. जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केन्द्र पर कार्यरत चिकित्सकों को केन्द्र पर नियमित रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिये तथा भविष्य में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी.

मातबार बिजलवां ने ग्राम चिल्हड़ में स्वीकृत आंगनबाडी केंद्र के लिए भूमि देने के लिए जिलाधिकारी को स्वीकृति पत्र दिया, जिलाधिकारी ने ग्राम चिल्हड़ के लोगों से मातबार को धन्यवाद देने का अनुरोध किया.

क्षेत्र में निर्बाध बिजली व्यवस्था बनाने के लिए निवासियों ने जिलाधिकारी को एसडीओ की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के एसडीओ चकराता अशोक कुमार को माल्यार्पण कर सम्मानित किया.

जिलाधिकारी ने जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को जल जीवन मिशन योजना के तहत नल के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने और पुराने स्रोतों को समृद्ध करने के साथ ही नए स्रोत खोजने के निर्देश दिए.

इस दौरान जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों ने स्थानीय महिलाओं और पुरुषों को पानी की शुद्धता मापने का प्रशिक्षण दिया.

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उत्तराखंड की पहाड़ियों पर बारिश से यूपी में गंगा किनारे खतरा बढ़ा, कई इलाके खाली कराए गए

 उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से यूपी में गंगा किनारे खतरा बढ़ गया है। खासकर मेरठ समेत वेस्ट यूपी के गंगा किनारे क्षेत्रों को अलर्ट किया गया है। मेरठ में हस्तिनापुर के साथ ही खादर के इलाकों को प्रशासन ने एहतियातन खाली करा लिया है। लोगों के गंगा किनारे जाने पर रोक लगा दी गई है। डीएम के साथ अन्य प्रशासनिक और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जायजा लिया। आपात स्थितियों से निपटने के लिए जनपद में एसडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ राहत टीम को तैनात किया गया। बैराज के सभी गेट फ्री कर दिए गए हैं। काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। बीते 48 घंटों में गंगा के जलस्तर में करीब डेढ़ फीट की बढ़ोतरी हुई है। गंगा के उफान के कारण नाविकों के माथे पर फिर से चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। उधर, यमुना पर भी बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। 

शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हरिद्वार के भीमगोडा बैराज से गंगा में 3 लाख 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार सुबह 9 बजे 20 हजार क्यूसेक पानी और बढ़ा दिया गया। इससे गंगा किनारे के इलाकों में पानी भर गया। शुक्रवार रात बिजनौर के गंगा खादर इलाकों में पांच लोग टापू पर फंस गए, जिन्हें रात 2 बजे रेस्क्यू कर निकाला गया। बिजनौर के गंगा तट पर बसे गांव रावली रामसहाय वाला और बालावाली में बाढ़ का पानी भर गया। पुलिस ने गंगा के तटीय इलाकों में अनाउंसमेंट करते हुए लोगों को अलर्ट किया और गंगा की तरफ नहीं जाने की सलाह दी। 

 

खादर में अलर्ट, गंगा की ओर न जाने की मुनादी

गंगा के अचानक बढ़े जलस्तर से प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों में अफरातफरी मच गई है। क्षेत्र के लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। समय रहते सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी गई है। विधायक दिनेश खटीक, डीएम के. बालाजी, एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति आदि ने खादर क्षेत्र में पहुंच कर जायजा लिया। 

कारण: उत्तराखंड में बारिश, उफान पर नदियां

अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड में लगातार बारिश जारी है। नदियां उफान पर हैं। इसके कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसका असर यूपी में भी देखा जा रहा है। मेरठ और आसपास के कई इलाकों में लगातार बारिश होने से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में किसानों की फसल को भी नुकसान हुआ है। 

    

निगरानी: हस्तिनापुर में लगाए सोलर कैमरे, मेरठ में बाढ़ नियंत्रण कक्ष

मेरठ के हस्तिनापुर गंगा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते गांवों को खाली कराया जा रहा है। प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। एडीएम एफआर सुभाष चंद प्रजापति ने बताया कि मवाना में गंगा नदी में हरिद्वार बैराज, बिजनौर बैराज व अन्य बैराजों से काफी पानी छोड़ा गया है। कलक्ट्रेट में जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया है। मेरठ तहसील के लिए 0121-2664134 ,तहसील मवाना में 01233-274242 व कार्यालय अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड प्रथम, सिंचाई विभाग, मेरठ में 0121-2644254 पर संपर्क कर सकते हैं। 24 घंटे अब कंट्रोल रूम चालू रहेगा।

12 हजार लोगों को किया जा चुका है शिफ्ट

हस्तिनापुर में गंगा में पिछले 12 घंटे में करीब दो लाख क्यूसेक पानी आ चुका है। गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी है। पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ में 12 हजार लोगों को प्रशासन अब तक शिफ्ट कर चुका है। पानी तेजी से बढ़ने के कारण कटान की संभावना बन गई है।

मुजफ्फरनगर में खतरे के निशान के निकट पहुंची गंगा 

मुजफ्फरनगर में गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है बैराज के सभी 28 गेट खोल दिए गए हैं पानी तटबंध से टकराकर चल रहा है। फसले जलमग्न हो गई है। हालांकि अभी पानी किसी गांव में आबादी में नहीं घुसा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है लोगों को रात में गंगा तट के खेतों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है

हापुड़ में दो घंटे में 20 किलोमीटर फैल गया गंगा का पानी

हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में भी गंगा उफान पर है। शनिवार शाम छह बजे तक एक मीटर जल स्तर बढ़कर 197.500 मीटर से 198.220 तक जा पहुंचा है। गंगा खादर में गंगा पानी करीब 20 किलोमीट में फैल चुका है। फिर से गंगा अमरोहा की तरफ से 5 किलोमीटर गढ़ की तरफ को आ गई है। पुलिस-प्रशासन लाउडस्पीकर से गांवों में अलर्ट का प्रचार कर रहे हैं।

बुलंदशहर में लगातार बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर

अहार, अनूपशहर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शाम तक जलस्तर में 4 फीट की वृद्धि हुई है। गंगा के आसपास क्षेत्र में लगी पालेज जलस्तर बढ़ने से डूब गई है। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि गंगा के आसपास के इलाके में बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

सहारनपुर में बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गई 25 बाढ़ चौकी 

बारिश की शुरुआत हो चुकी है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से भी तैयारी का दावा किया जा रहा है। बाढ़ से बचाव के लिए जिले में 25 बाढ़ चौकी बनाई गई है। बाढ़ से बचाव को 25 तटबंध है जिनकी लंबाई 79 किलोमीटर है। यमुना नदी पर 13 तटबंध हैं जिनकी लंबाई 13 किलोमीटर है। बाढ़ से निपटने के लिए 25 बाढ़ चौकी एवं जिला मुख्यालय के साथ हथिनी कुंड बैराज पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से नांव व गोताखोर की भी व्यवस्था कर दी गयी है। शामली और बागपत में यमुना का जलस्तर फिलहाल सामान्य चल रहा है, जिले में 12 बाढ़ चौकियां स्थापित की गईं हैं।

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एक दिन के लिए उत्तराखंड की मुख्यमंत्री होंगी हरिद्वार की सृष्टि गोस्वामी

सृष्टि गोस्वामी
सृष्टि गोस्वामी

24 जनवरी को बालिका दिवस पर सृष्टि गोस्वामी एक दिन के लिए बाल मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगी। इस दौरान विधानसभा के कक्ष नंबर 120 में बाल विधानसभा आयोजित की जाएगी। जिसमें एक दर्जन विभाग अपनी प्रस्तुति देंगे। इसकी स्वीकृति और निर्देश मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से दिए गए हैं।

 उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बुधवार को इस आशय का पत्र मुख्य सचिव ओमप्रकाश को प्रेषित किया। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए आयोग ने एक होनहार छात्रा को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

बतौर मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी उत्तराखंड के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगी। इसके लिए नामित विभाग के अधिकारी बाल विधानसभा में पांच-पांच मिनट अपनी प्रस्तुति देंगे। बाल विधानसभा दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक आयोजित होगी।

हरिद्वार जनपद के बहादराबाद के दौलतपुर गांव की रहने वाली सृष्टि गोस्वामी बीएसएम पीजी कॉलेज, रुड़की से बीएससी एग्रीकल्चर कर रही हैं। मई 2018 में बाल विधानसभा में बाल विधायकों की ओर से उनका चयन मुख्यमंत्री के रूप में किया गया था। बाल विधानसभा में हर तीन वर्ष में बाल मुख्यमंत्री का चयन किया जाता है।

लोक निर्माण विभाग डोबरा-चांठी समेत अन्य पुलों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। पर्यटन विकास परिषद होम स्टे योजना की जानकारी देगा। उरेडा ऊर्जा पार्क और सोलर विकास कार्यो की प्रस्तुति करेगा। बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी योजना के पोषण अभियान के बारे में बताएगा।

 माध्यमिक शिक्षा विभाग अटल आदर्श विद्यालयों की जानकारी देगा। स्वास्थ्य महानिदेशालय अटल आयुष्मान योजना की जानकारी देगा। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हुए विकास कार्यो, ग्राम्य विकास, स्मार्ट सिटी, पर्यटन एवं उद्योग और पुलिस-प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

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