रंग पंचमी 2025: रंगों का त्योहार होली, अपने उल्लास और उमंग के बाद रंग पंचमी के साथ एक नए आध्यात्मिक आयाम में प्रवेश करता है। वर्ष 2025 में, रंग पंचमी का यह पावन पर्व विशेष महत्व रखता है, खासकर उन लोगों के लिए जो विवाह संबंधी बाधाओं से जूझ रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचमी न केवल रंगों का उत्सव है, बल्कि यह देवताओं को समर्पित एक ऐसा दिन है, जब सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह चरम पर होता है।
विवाह में आ रही बाधाओं के लिए विशेष है रंग पंचमी 2025, करें ये उपाय:
ज्योतिषियों के अनुसार, रंग पंचमी 2025 के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय विवाह में आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं।
- भगवान कृष्ण और राधा की पूजा: इस दिन, भगवान कृष्ण और राधा की विशेष पूजा अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। उन्हें रंग अर्पित करें और 'ॐ राधाकृष्णाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
- पीले वस्त्र धारण करें: रंग पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। यह रंग बृहस्पति ग्रह का प्रतीक है, जो विवाह के कारक ग्रह हैं।
- गरीबों को भोजन कराएं: इस दिन गरीबों को भोजन कराना और दान करना भी विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
- शिव-पार्वती पूजा: रंग पंचमी के दिन शिव-पार्वती की पूजा अर्चना करना भी शुभ माना जाता है। शिव-पार्वती को पति-पत्नी के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
- रंगों का विशेष प्रयोग: रंग पंचमी के दिन गुलाबी रंग का प्रयोग करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। यह रंग प्रेम और स्नेह का प्रतीक है, जो विवाह के लिए आवश्यक है।
रंग पंचमी 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त
- पंचमी तिथि प्रारंभ: 18 मार्च 2025 को रात 10:09 बजे
- पंचमी तिथि समाप्त: 20 मार्च 2025 को रात 12:36 बजे
- उदया तिथि के अनुसार रंग पंचमी 19 मार्च 2025 को मनाई जाएगी।
रंग पंचमी 2025 का महत्व
रंग पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह त्योहार मुख्य रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन, लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं, और भगवान कृष्ण और राधा की पूजा करते हैं।
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रंग पंचमी 2025 की धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचमी के दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों के साथ रंगों का त्योहार मनाते हैं। यह भी माना जाता है कि इस दिन रंगों के प्रयोग से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
रंग पंचमी 2025 का आध्यात्मिक महत्व:
रंग पंचमी न केवल विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने का पर्व है, बल्कि यह आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। माना जाता है कि इस दिन, वायुमंडल में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, जो मन को शांति और सकारात्मकता प्रदान करता है। यह दिन देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाने का एक सुनहरा अवसर है।
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रंग पंचमी 2025 का विशेष योग:
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, रंग पंचमी 2025 पर कुछ विशेष योग बन रहे हैं, जो इस दिन के महत्व को और भी बढ़ा देते हैं। इन योगों में किए गए उपायों का विशेष फल प्राप्त होता है।
इस रंग पंचमी, रंगों के साथ-साथ अपने जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएं और विवाह संबंधी बाधाओं से मुक्ति पाएं।
रंगों का त्योहार होली समाप्त होने के बाद, उत्साह और उमंग का एक और पर्व आता है, रंग पंचमी। यह त्योहार होली के पांच दिन बाद चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। रंग पंचमी 2025, 19 मार्च को मनाई जाएगी।
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